मध्य प्रदेश के RTO में जल्द होगी 175 नए कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती, पेंडिंग लाइसेंस और पंजीयन मामलों में आएगी तेजी, इंदौर RTO ने बनाया रिकॉर्ड
इंदौर | 9 अगस्त 2025
मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी के कारण आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, टैक्स भुगतान, फिटनेस प्रमाण पत्र और परमिट जारी करने जैसी सेवाओं के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में हजारों फाइलें महीनों से लंबित पड़ी हैं और नागरिकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब इस समस्या का समाधान करने के लिए परिवहन विभाग ने 175 कंप्यूटर ऑपरेटरों की आउटसोर्स भर्ती की प्रक्रिया तेज कर दी है और सितंबर 2025 तक नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर विवेक शर्मा ने बताया कि राज्य के 50 RTO कार्यालयों में नए कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे, जहां प्रति कार्यालय तीन से पांच ऑपरेटर नियुक्त होंगे। इनकी जिम्मेदारी ड्राइविंग लाइसेंस बनाना, वाहन पंजीयन की एंट्री करना, टैक्स भुगतान की प्रक्रिया पूरी करना, वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र तैयार करना और विभिन्न प्रकार के परमिट जारी करने जैसे कार्यों की होगी।
पिछले वर्ष तक इन सेवाओं का संचालन स्मार्ट चिप कंपनी के लगभग 450 कर्मचारी कर रहे थे, लेकिन सितंबर 2024 में उनका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने के बाद RTO कार्यालयों में ऑपरेटरों की भारी कमी हो गई और पेंडेंसी तेजी से बढ़ने लगी। वर्तमान में भोपाल RTO में ही करीब पांच हजार मामले लंबित हैं और यही स्थिति अन्य जिलों में भी देखने को मिल रही है। नए ऑपरेटरों की नियुक्ति से इस पेंडेंसी को निपटाने में तेजी आएगी और नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में यदि शीर्ष तीन कंपनियां समान दर पर सेवाएं देने के लिए तैयार होती हैं तो विभिन्न जिलों में पदों का वितरण उनके बीच किया जाएगा, जिससे एक साथ कई RTO में स्टाफ की तैनाती संभव हो सकेगी।
इस बीच इंदौर RTO ने बकाया मोटरयान कर वसूली में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। हाल ही में एक दिन में 91 वाहनों से कुल 1,52,90,392 रुपए का बकाया कर वसूला गया, जो अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय वसूली है। यह उपलब्धि परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा के सख्त निर्देशों और निगरानी के बाद संभव हुई। 3 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक चलाए गए विशेष अभियान में इंदौर RTO ने 240 वाहनों से कुल 2.46 करोड़ रुपए का बकाया मोटरयान कर वसूल किया। विभाग का कहना है कि यह अभियान पूरे प्रदेश में जारी रहेगा और जिन वाहन मालिकों ने अब तक मोटरयान कर नहीं भरा है, उनके खिलाफ चालान, वाहन जब्ती और लाइसेंस नवीनीकरण रोकने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों का मानना है कि यदि RTO में पर्याप्त स्टाफ नियुक्त हो जाए तो लाइसेंस, पंजीयन और टैक्स से जुड़ी सेवाओं में देरी की समस्या खत्म हो जाएगी और लोगों का समय तथा ऊर्जा दोनों बचेंगे। परिवहन सेवाओं के जानकार यह भी मानते हैं कि अधिक ऑपरेटरों की नियुक्ति से डिजिटल प्रोसेसिंग की गति बढ़ेगी, जिससे न केवल आम जनता को समय पर सेवा मिलेगी बल्कि सरकार की राजस्व वसूली में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस कदम से प्रदेश के RTO कार्यालयों में कार्यक्षमता और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा और लंबित मामलों का निपटारा तेजी से किया जा सकेगा, जिससे परिवहन सेवाएं पहले से अधिक प्रभावी और सुगम हो जाएंगी।
- By Pradesh Express
- Edited By: Pradesh Express Editor
- Updated: Sat, 09 Aug 2025 09:01 AM (IST)